TRE2 क्वालीफाइंग भाषा के मार्क्स शून्य '0' करने के मायने।

Tre-2 रिजल्ट से ठीक पहले बीपीएससी द्वारा वर्ग 9-10 एवं 11-12 के लिए भाषा के क्वालिफाइंग अंक को शून्य '0' करने के मायने।

बीपीएससी विज्ञप्ति संख्या 27/2023 में शामिल अभ्यर्थियों के लिए बीपीएससी के परीक्षा नियंत्रक के द्वारा 18 दिसंबर 2023 को एक आवश्यक सूचना का प्रकाशन किया गया। जिसमें वर्ग 9 से 10 तथा वर्ग 11 से 12 के विद्यालय अध्यापकों के लिए भाषा का अहर्ता अंक शून्य '0' करने की बात कही गई है। 

इसके क्या मायने हैं और इससे शामिल अभ्यर्थियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा-

  • भाषा अर्हता में 9 अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों का उनके विषय के उत्तर को जांच किए जाने का नियम है। 9 अंक या उससे अधिक नहीं लाने पर का मूल्यांकन नहीं किया जाता है। अब वर्ग 9 10 एवं 11 12 के अभ्यर्थियों ने यदि भाषा अहर्ता जो प्रश्न पत्र के प्रश्न संख्या 1 से 30 तक में वह कितना भी अंक लाए हो उसे शून्य मानकर उनके विषय के उत्तर का मूल्यांकन किया जाएगा।
  • इससे उन अभ्यर्थियों को सीधे फायदा हो जाएगा जिन्होंने भाषा अहर्ता में फेल होंगे। वे भी मेरिट में शामिल किया जा सकेगा।
  • Tre 1 में अहर्ता अंक नहीं प्राप्त करने के कारण 10 हजार अभ्यर्थी छट गए थे।
  • इससे सीधे नुकसान उन अभ्यर्थियों को होगा जिन्होंने भाषा अहर्ता में निर्धारित अंक प्राप्त कर लिए हैं। क्योंकि अहर्ता शून्य होने से भीड़ बढ़ेगा और जो अहर्ता अंक में ही फेल है वे कहीं बाजी न माड़ जाए।
  • उर्दू और बांग्ला भाषा का चयन करने वाले अभ्यर्थी यह मानकर चल रहे हैं कि प्रश्न पत्र में उनके द्वारा चयन किए गए भाषा का प्रश्न नहीं होने के कारण ऐसा किया गया है।
  • लेकिन उर्दू और बांग्ला भाषा का चयन करने वाले अभ्यर्थी विभिन्न सोशल मीडिया पर यह भी चर्चा कर रहे हैं कि सिर्फ उनके लिए शून्य किया जाता।

  • अभ्यर्थी परेशान हैं की उसके बनाने में जो समय बर्बाद हुआ उसका क्या।

  • यदि इतना परिवर्तन तब किया जा रहा है जबकि OMR अपलोड होना शुरू हो चुका है।

  • यह भी नियमन होना चाहिए था की कार्यरत नियोजित को अपने सीट पर समंजित कर उसी विद्यालय में रहने दिया जाए।